मानसिक सेहत के प्रति जागरूक बनें, संवेदनशीलता बचाएँ

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स्पेशल बच्चे की देखभाल करती हूँ, जॉब नहीं कर सकती लेकिन पति को हम दोनों की परवाह नहीं

मेरे पति मेरे साथ मारपीट करते हैं और मेरे साथ घरेलू हिंसा हो रही है। कुछ दिन सब ठीक रहता है, फिर वे तमाशा खड़ा कर देते हैं।

मेरी उनसे बिल्कुल नहीं बनती। उन्हें न बच्चों की परवाह है और न ही मेरी।

वह सिर्फ़ अपनी माँ की ही बात मानते हैं। पिछले ३ महीनों से जब मन करता है, अपनी माँ के पास चले जाते हैं।


माँ के पास जाना समस्या नहीं है, मैं तो ख़ुश होती हूँ जब वे वहाँ चले जाते हैं, लेकिन वे घर के ख़र्चों के लिए कोई पैसे नहीं देते।

मैं ट्यूशन पढ़ाकर जो कमाती हूँ, उसी से रोज़मर्रा के ख़र्चे निकालती हूँ। यहाँ तक कि जब मैं उनसे पैसे माँगती हूँ, तो कहते हैं, “मेरे पास पैसे नहीं हैं।”

मैं अच्छी-ख़ासी पढ़ी-लिखी हूँ और नौकरी भी कर सकती हूँ, लेकिन समस्या यह है कि मेरा एक स्पेशल बच्चा है।

मेरा बेटा, जो लगभग 10 साल का है, अपने आप कुछ नहीं कर पाता। मुझे ही उसकी पूरी देखभाल करनी पड़ती है, इस वजह से मैं नौकरी करने में असमर्थ हूँ।

मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूँ। कृपया मेरी मदद करें।

जज़्बात हेल्प सेंटर संस्थापक राजीव के सुझाव

देखिए, एक और संवेदनशील लड़की को एक नार्सिसिस्ट परिवार ने बहू बनाकर प्रताड़ित कर दिया। इसलिए, संवेदनशील लड़के या लड़की को विवाह से पहले सावधान रहना चाहिए कि कहीं कोई नार्सिसिस्ट चालाक परिवार तो उनको टारगेट नहीं कर रहा।

आपका पति कभी नहीं सुधरेगा। स्पेशल बच्चे की देखभाल के साथ-साथ अपनी जॉब के लिए विकल्प और रास्ता तलाशिए। मैं किसी को यह सुझाव नहीं देता कि आप लगातार एक ही सिचुएशन को झेलती रहें।

मैं यह जानता हूँ कि बिना आर्थिक चीजों के इस समाज और सभ्यता में एक मजबूत इंसान भी कमजोर पड़ जाता है। मैंने इसको खुद अनुभव किया है। इसलिए, आर्थिक मसलों के समाधान की तरफ जुनूनी होकर सोचिए। खुद को डर, कमजोरी और खराब रिश्ते की सोच से निकालिए।

अपनी आर्थिक और सामाजिक आजादी तलाशिए, यह मुश्किल तो है लेकिन आप जैसे गुणवान के लिए असंभव नहीं।

इस समस्या पर जज़्बात हेल्प सेंटर पेज सदस्यों के सुझाव पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

🆘 संकट में हैं? तुरंत मदद लें

यदि आप भावनात्मक संकट, घबराहट, अकेलापन, या आत्म-हानि के विचारों से जूझ रहे हैं, तो कृपया तुरंत मदद लें। नीचे दी गई हेल्पलाइन पर आप गुमनाम रहकर, सुरक्षित माहौल में बात कर सकते हैं:

  • Tele-MANAS: 14416 या 1800-891-4416 डायल करें। यह पूरी तरह मुफ्त, सरकार द्वारा संचालित, 24/7 उपलब्ध है, और 20 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में तत्काल मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करता है।
  • iCall: 9152987821
  • Vandrevala Foundation: 1860-2662-345 (24/7)

यदि आप तात्कालिक खतरे में हैं, तो अपने नज़दीकी अस्पताल जाएँ या स्थानीय आपातकालीन सेवाओं से तुरंत संपर्क करें।

About the Author

Rajeev Kumar Singh is a mental health advocate and founder of Jazbaat Help Center — a platform dedicated to emotional well-being, mental health awareness, and psychological support in Hindi. With years of experience helping individuals navigate complex emotions, relationships, and life challenges, Rajeev specializes in narcissism, toxic relationships, emotional healing, and culturally rooted mental wellness for Hindi-speaking communities. Read more about Rajeev →

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